Tag Archives: Openness

RELEASED POSSESSION

  चल दिये वो, भिगोकर मुझको, मनमौजी बादल की तरह साथ है उन, बूंदो की रुनझुन, हर पग पे पायल की तरह लेकिन कुछ बात है बाकी अभी मुलाकात है बाकी रुके है कुछ देर को आंसू मगर बरसात है … Continue reading

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DAD’S LITTLE GIRL

  मैं अपने पापा की परी, मैं हूँ आत्मविश्वास से भरी जब कभी सफल होती हूँ मैं चलते है पापा तन कर, कहते है मैंने साबित किया है बेटी से ज्यादा बेटा बन कर

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HAPPY REALISATION

यादों की ऊँगली थाम कर, चलती है मेरी धड़कने सांसो में भी सीखे है नये, अब जिन्दगी के मायने

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OUT OF SIGHT, NOT THE MIND

माना कि हम पास नहीं, मिलने की कोई आस नहीं फिर भी हर पल तलाश तेरी, ये दूरी हमे रास नहीं

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I ENVY MY POEM

I envy my poem. It reached where I aspire to be. With a little Midas touch- Yet staying true in essence, a better form of me.

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